Why 12th is house of bed comforts

किसी मित्र ने पूछा कुंडली का 12वां भाव शयन भाव क्यों है, house of bed comforts क्यों है..
मित्रो 12वां भाव शयन भाव नही है…मुख्य रूप से ये भाव expenditure भाव है, मोक्ष का भाव है…
लग्न से यात्रा शुरू करके जातक इस भाव पर आकर the end करता है..सारे झंझटों से मुक्त…इसलिये इसे मोक्ष भाव कहते हैं…निद्रा का नही चिर निद्रा का भाव है ये…मृत्यु के बाद इंसान कहाँ जाता है..कोई नहीं जानता…इसलिये ये भाव अनंत आकाश, विदेश, अनजानी जगह को भी सूचित करता है…अब मोक्ष यहां से देखेंगे तो बंधन,जेल यात्रा भी यहीं से देखेंगे…
वापस लौटते हैं मुख्य प्रश्न पर…शयन सुख..इस भाव से कैसे…
धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष…इन्हीं पर आधारित है हमारी सारी संरचना…
1,5,9 धर्म भाव
2,6,10 अर्थ भाव
3,7,11 काम भाव
4,8,12 मोक्ष भाव
जहां से धर्म देखेंगे, वहीं से तो अधर्म देखेंगे…5 जब 9 से जुड़ता है और मंगल शुक्र राहु ग्रह हों तो जातक physical relations बनाता है…इसी तरह 9 जब 5 से जुड़ता है तो भी physical relations बनते हैं…पहले केस में शादी से पहले दूसरे केस में शादी के बाद
जब इंसान actual में sex करता है उस particular period में 12 भाव का जुड़ना ज़रूरी है, चाहे केवल गोचर से ही जुड़ जाय पर जुड़ेगा ज़रूर
12वें भाव के जुड़े बिना सेक्स रिलेशन हो ही नही सकता
जब सेक्स क्रिया होगी उसके the end के लिये 12 चाहिए, इस क्रिया में semen खर्च होगा उसके लिये 12 से संबंध होना ही चाहिये…कुछ भी खर्च करना हो तो 12वां भाव जुड़ना ही चाहिये…खर्चे का भाव जुड़ेगा नही तो खर्च कैसे होगा…sex के लिये 12वां भाव ज़रूरी है इसलिये इसे bed comforts या शयन सुख का भाव कहते हैं
बाकी चर्चा बाद में करेंगे

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