Gupta System of Astrology

Dear friends…Keep this forever in your mind’s locker that jyotish can never run on any single formula, even it can’t run on any single system(पध्दति)…
आओ मित्रो इसे हम एक छोटे से technical point से समझते हैं..
मान लो 10वें भाव का csl शनि है जो कि बुध के नक्षत्र में है, बुध दूसरे भाव मे स्तिथ है.
KP system द्वारा इसे समझें तो 10 का potential बहुत strong है और जातक career में अच्छे पैसे कमायेगा.
KB System में बुध के इस सूचक को चौथे दर्ज़े का सूचक मानते हैं, दरअसल उन्हें बुध की residential position से कुछ लेना देना ही नहीं है, उन्हें देखना है कि बुध किस भाव का उप नक्षत्र है, अगर उप नहीं है तो किस भाव का नक्षत्र है वगैरा वगैरा…अब मान लो ये बुध 9वें भाव का उप (csl) है…अब KB सिस्टम से इस जातक का career चोपट है..
अब देखो दोनों systems वाले ज्योतिषी ,KP वाले , KB वाले, अपनी अपनी पध्दति को accurate और scientific बताते हैं जबकि दोनों के results different हैं…
सही क्या है…Scientific और सूक्ष्म रिजल्ट KB से ही आएगा पर यहां भी एक चीज़ और जोड़नी होगी..
अब मान लो बुध positional status में है तो दूसरे भाव मे बैठा बुध 9वें के csl से ज़्यादा strong हो जायेगा
अब 10वां भाव 2 और 9 दोनों से बराबर जुड़ जायेगा.. और इसी हिसाब से फलित होगा..9वां भाव business चलने नहीं देगा और 2सरा भाव धन देगा ही देगा
अब बाकी combination और decider उप को देखना होगा.
This is just a little example.
In nutshell integration of different systems is very essential.
GP system (Gupta paddhati)(developed by myself) is doing hard for a simple, accurate and scientific astrology…..