Birth Time Rectification

BIRTH TIME RECTIFICATION

मित्रो आओ आज हम इस विषय पर चर्चा करते हैं…
सभी जानते हैं कि एक लग्न लगभग 2 घंटे तक रहता है, ये काफी लंबा समय है, इसका नक्षत्र रहता है लगभग 50 मिनट, ये भी एक लंबा समय है इसका उपनक्षत्र लगभग 6 मिनट तक रहता है और उपउप लगभग 50 सेकंड्स तक रहता है..
50 सेकंड्स का समय बहुत कम है इसलिये इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इसलिये हम कुंडली के किसी भी भाव को analyse करने के लिये उपनक्षत्र से entry करते हैं.

हम उदाहरण लेंगे twins का. जन्म समय मे बहुत कम अंतर के बावजूद दोनों के भाग्य में बहुत अंतर हो जाता है.
जुड़वां बच्चों की कुंडली देखें तो उनके जन्म समय मे अंतर 6 मिनट से ज़्यादा भी हो सकता है और कम भी. जुड़वां बच्चों की कुंडली देखने के लिये उप नक्षत्र सिस्टम ही उपयुक्त है क्योंकि जन्म समय में केवल 1 से 1.5 मिनट का फ़र्क़ पड़ने पर भी और उपनक्षत्र same होने पर भी, 2 से 4 भावों के उपनक्षत्र बदल जाएंगे. अब दूसरे angle से देखें तो इसका अर्थ ये हुआ कि हमें सही कुंडली के लिये एक मिनट तक की accuracy चाहिये.

In nutshell, if we want to analyse an horoscope with a scientific, logical and an accurate approach, BTR must be done…

ये तो बात हुई कि BTR होना चाहिये, अब बात करते हैं BTR कैसे हो रहा है और कैसे होना चाहिये…

Let me illustrate you friends with an example…
I send my own horoscope to two great astrologers with my Birth Time 5.38…

ये दोनों विद्वान मेरे गुरु तुल्य हैं क्योंकि मैंने एक के ग्रुप में रह कर और दूसरे के articles पढ़ कर बहुत कुछ सीखा. Both of them did BTR with Ruling Planets of their own respectively.
एक का समय आया 5.36.oo
और दूसरे का 5.42.30

मित्रो, जब जब रूलिंग प्लैनेट्स ले कर BTR किया जायेगा, फ़र्क़ आयेगा ही…
यही हो रहा है . जिस किसी के पास कोई भी कुंडली आती है और वो अपने रूलिंग प्लैनेट्स ले कर उसे rectify कर देता है और दावा करता है कि मेरी approach और analyses scientific और accurate है…
When we need below one minute accuracy, we are getting every time and from every astrologer different time with a vast span…
Please and please think over it…

Under Gupta Paddhati, we do BTR without Ruling Planets. It is simple, accurate, scientific and more importantly it is consistent.
How we do BTR, we will discuss it later …..