How to judge sex life of a native?

7वें भाव के उपनक्षत्र का नक्षत्र इसकी खबर देगा।
1) अगर ये ग्रह सूर्य है तो अप्राकृतिक सेक्स में रूचि होगी।
2) अगर ये ग्रह चन्द्र है तो सहवास तेज पर संतोषजनक होगा। Romantic gestures का प्रयोग किया जाता है।
3) अगर ये ग्रह मंगल है तो सेक्स संबंध बनाते समय झगड़े की संभावना बनी रहती है। love bite और दूसरे तरीके के बल प्रयोग का उपयोग भी ऐसे जातकों द्वारा किया जाता है।
4) अगर ये ग्रह बुध है तो जातक की रूचि एक ही posture में बार बार सेक्स करने में रहती है।
5) अगर ये ग्रह गुरु है तो सेक्स संबंध सामान्य और नैतिकता से प्रेरित होता है।
6) अगर यह ग्रह शुक्र है तो भिन्न भिन्न postures में सेक्स किया जाता है। foreplay ज़्यादा किया जाता है।
7) अगर ये ग्रह शनि है तो सेक्स में रूचि कम रहती है। ज़्यादातर स्वास्थ्य की चिंता रहती है। तनाव और दुखी मन से सेक्स किया जाता है।
8) अगर ये ग्रह राहु केतु हो तो इसके नक्षत्र से विचार किया जायेगा।
मित्रो, ये कारकत्व बाद में देखे जाएंगे। पहले 7वें भाव के लिंक्स देखे जाएंगे।
1) जैसे अगर 7वें का उपनक्षत्र अपने नक्षत्र द्वारा 4,10 से जुड़ा है तो सेक्स संबंधों में dissatisfaction होगी, और अगर ये ग्रह राहु केतु शनि में से कोई दो हैं तो जातक सेक्स संबंधों के अयोग्य होगा।
2) अगर 4,10 की जगह 5,11 जुड़े हैं पर राहु केतु शनि में से कोई दो भी जुड़े है तो जातक/ जातिका gay/lesbian होगा।
3) 7वां भाव केवल legal sex का भाव है यानि पति पत्नी का भाव। extra marital sex के बारे में जानना हो तो 9वां देखें। शादी से पहले के सेक्स लाइफ के बारे 5वें से पता चलेगा।
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