प्रश्न कुंडली by (GP System)

प्रश्न कुंडली by (GP System)

1) प्रश्न कुंडली में लग्न को rotate करने की ज़रूरत नहीं. जैसे मां ने बेटे के बारे कुछ पूछा तो ज्योतिषी पांचवें को लग्न मान कर चलते हैं, जो गलत है। प्रश्न कोई भी पूछे, कुंडली के लग्न को ही लग्न माना जायेगा।

2) केवल उसी प्रश्न पर focus कीजिये जिसके लिए प्रश्न कुंडली का इस्तेमाल कर रहे हो। फालतू की ताक झांक का कोई औचित्य नहीं। मछली की आंख बींधनी है तो उसी पर focus कीजिये। मछली कौन लाया, जिंदा है कि मर गयी, क्या साइज है, मछली है कि मछला, फालतू का ज्ञान झाड़ने की कोई ज़रूरत नहीं।

3) चन्द्र से देखो, लाभ से देखो, इस भाव से देखो, उस भाव से देखो, कुंडली को घुमा के देखो….कोई ज़रूरत नहीं भाई,….प्रश्न कुंडली का लग्न ही प्रश्न का उत्तर दे देगा। संशय की स्तिथि में भाव पर जाएं और timing के लिये दशा पर जाएं।

4) ग्रह वक्री है या मार्गी, कोई अंतर नहीं पड़ता। इसी तरह ग्रह को केवल ग्रह के तौर पर ही लें, चाहे ग्रह अस्त हो या उदित।

प्रश्न कुंडली से कैसे फलित किया जा सकता है, एक उदाहरण से समझते हैं….

मेरी मुँह बोली छोटी बहन ने अपने तमाम खिड़की, दरवाजे, messanger, whatsapp, फ़ोन, मेरे लिये बंद कर दिये, बिल्कुल साइलेंट, कोई रिप्लाई नहीं, क्या मैंने कुछ गलत बोल दिया, किसी ने कुछ कह दिया, क्या तुम्हारे husband ने कुछ कहा, प्यारी बहना मत रखो रिश्ता मुझसे पर एक बार बता तो दो आखिर हुआ क्या, तुमने तो स्वयं कहा था मैं एक ज्योतिषी हूँ इसलिये जानती हूँ कि हम पिछले जन्म के भाई बहन हैं, उसका क्या हुआ….

मेरी बेचैनी बढ़ रही थी। मेरे भीतर प्रश्न कुलबुला रहे थे जिनका मुझे उत्तर चाहिये था। क्या हमारा रिश्ता बनने से पहले ही खत्म हो गया? क्या अब कभी उसका मैसेज भी नहीं आयेगा? और exactly हुआ क्या था? 8 August 2017 को राखी वाले दिन मेरी उससे फ़ोन पर बात हुई थी, आज 14 तारीख हो गयी, इस बीच केवल चुप्पी….उसका birth data मेरे पास नहीं है, इसलिये मैंने प्रश्न कुंडली से जानने की कोशिश की।

14-8-2017
20.13.51
Jammu
KP No. 39

लग्न और 7 का csl राहु 3 में बैठा है, यानि प्रश्न  किसी दूसरे और अपने से छोटे के बारे में है। राहु केतु के नक्षत्र और केतु के ही उप में है। केतु 5,11 का csl है और 9 में बैठा है। यानि रिश्ता प्यार, स्नेह और सच्चाई का है, कोई छल कपट नहीं है पर राहु-केतु होने के कारण भीतर कहीं भय और अविश्वास भी है। राहु है चन्द्र के उपउप में, फैसला तो इसी के हाथ है। चन्द्र है मन का कारक और इस पर 8,12 का csl। यहीं है गड़बड़। उसका मन विचलित है, she is confused। कोई stability नहीं है। ये 8,12 का चन्द्र 1,3,5,11, सभी भावों के लिये समस्या उतपन्न कर रहा है। यानि ये रिश्ता नहीं चलने वाला। मेरा मन धक करके डूब गया।

क्या कभी कोई मैसेज आएगा?
इसकी खबर देगा तीसरा भाव। 3 का csl शुक्र positional status में नहीं है। शुक्र है गुरु शनि बुध के नक्षत्र, उप और उपउप में। गुरु 3 का उपउप है यानि मैसेज तो ज़रूर आयेगा, शनि इसके कंटेंट के बारे बतायेगा। शनि है 2,5,9 का उपउप। 2 बता रहा है कि आधा अधूरा message ही होगा। फैसला बुध करेगा। बुध 4,8 का उपउप है यानि 2 को सपोर्ट मिली और 5,9 negate हो गए, यानि bro sis relation will end in a futile. But why?

सवाल है कि आखिर हुआ क्या?
आपने देखा लग्न के csl राहु का उपउप चन्द्र है जो 8,12 से जुड़ कर problem कर रहा है। चन्द्र ही अब बतायेगा कि बात क्या है। चन्द्र positional status में है यानि चन्द्र का फल उसका नक्षत्र नहीं, चन्द्र स्वयं दे रहा है। 8,12 से ही प्रॉब्लम हो रही है। 8,12 के कारण मेरी इस बहन को, जो बहुत बहुत अच्छी है, पर ना तो चीजों, व्यक्तियों की कोई समझ है, ना ही कोई परख।
माता रानी उसे हमेशा प्रसन्न रखें।

Actual Outcome…16 August को उसका message मिला। भैया ना तो आपने कुछ गलत कहा, ना ही मेरे husband ने मुझे कुछ कहा। बस मुझे ज़्यादा “दोस्त” बनाने अच्छे नहीं लगते।
ज्योतिष मित्रो, आपके पास प्रश्न कुंडली हल करने की advance techniques हैं, experience है, क्या कोई बता सकता है, कि क्या मैं अपनी इस बहन को ‘दोस्त’ और ‘भाई’ के फ़र्क़ को समझा पाया?