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मित्रो, समयाभाव के कारण मैं आपसे जुड़ने, आपके message का उत्तर देने या आपका फ़ोन उठाने में असमर्थ रहता हूँ….कृपया इसे अन्यथा न लें…
Friends, in my last post I told you… नक्षत्र ज्योतिष का एक साधारण सा गणित है जिसके ऊपर सारा फलित निर्भर है…
CSL or planet (source )– Star lord नक्षत्र (event)– Sub lord उपनक्षत्र (decider)
Source और Event को थोड़ा और समझने का प्रयास करते हैं…
किसी भी कुंडली के किसी भी भाव से 1,3,5,9,11 भाव अच्छे होते हैं, शुभ होते हैं…Positive होते हैं….
4,8,12 bhav बुरे होते हैं, अशुभ होते हैं…Negative होते हैं…
बाकी भाव neutral होते हैं…
Exactly what is implied with 4,8,12…understand it…
If any bhav is related with 4, event occurs but abondons immediately…
If related with 8, event occurs but problems and troubles persists in between…
12 negates the event straightway…
Lets talk about 2nd (money)
If a planet or CSL is related with 2nd and it’s star lord is related with 1,…. 2 is source and 1 is an event…Since 1st is 12th to 2nd, 1st will negate 2nd, जातक धन खर्च करेगा, अपना स्टेटस बनाये रखने के लिये, दिखावे के लिये,
अब इसका उलट हो तो,
1 अगर 2 से जुड़े तो, तो जातक धन  कमायेगा अपनी मेहनत द्वारा…
2 अगर 5 से जुड़े तो enjoyments, celebrations पर पैसा खर्च होगा and will have to face crises
5 अगर 2 से जुड़े तो शेयर मार्केट आदि से धन मिलेगा
2 अगर 8 से जुड़े तो bad debts होंगे, जिसको भी धन दोगे, वापस मिलने मे परेशानी होगी
8 अगर 2 से जुड़े तो unearned, unexpected money मिलेगा जैसे insurance आदि
2 अगर 9 से जुड़े तो पिता पर या धार्मिक कार्य पर धन खर्च और financial crises
9 अगर 2 से जुड़े तो पिता से या वसीयत आदि से धन प्राप्ति…
And so on for others….